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इन लोगों के लिठजहर का काम करता लहसà¥à¤¨, जानें कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚
लहसà¥à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रसोई में सबसे आम सामगà¥à¤°à¥€ में से à¤à¤• है। इसका सेवन हजारों साल से कहीं पहले से किया जा रहा है। इसके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ के दीवाने न सिरà¥à¤« देश में बलà¥â€à¤•ि विदेशों में à¤à¥€ हैं। यह न केवल खाना पकाने के लिठउपयोग किया जाता है, बलà¥à¤•ि कई घरों में तो यह दवाओं के रूप में à¤à¥€ इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है। कोरोना (COVID-19) काल में à¤à¥€ लोगों ने इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी बढ़ाने के लिठइसका खूब सेवन किया था।
मगर जहां किसी चीज के फायदे हैं, वहीं अपने नà¥à¤•सान à¤à¥€ हैं। इसी तरह से लहसà¥à¤¨ à¤à¥€ है, जिसके कचà¥â€à¤šà¤¾ खाने या फिर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाने से जानलेवा दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥à¤—तने पड़ सकते हैं। आइठजानते हैं, लहसà¥à¤¨ के कà¥à¤› साइड इफेकà¥â€à¤Ÿà¥à¤¸ के बारे में...
मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€ और हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨
नेशनल कैंसर इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ यू.à¤à¤¸. (National Cancer Institute of U.S) दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, खाली पेट लहसà¥à¤¨ का सेवन करने से बहà¥à¤¤ से लोगों को हारà¥à¤Ÿ बरà¥à¤¨, मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। हारà¥à¤µà¤°à¥à¤¡ मेडिकल सà¥à¤•ूल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, लहसà¥à¤¨ में कà¥à¤› यौगिक होते हैं जो à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ का कारण बन सकते हैं।
जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होने का खतरा
लहसà¥à¤¨ को पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से रकà¥à¤¤ पतला करने वाला पदारà¥à¤¥ माना जाता है, इसलिठहमें बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में लहसà¥à¤¨ का सेवन रकà¥à¤¤ पतला करने वाली दवाओं जैसे कि वारà¥à¤«à¤°à¤¿à¤¨, à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ आदि के साथ नहीं करना चाहिà¤à¥¤ इसका कारण यह है कि रकà¥à¤¤ को पतला करने वाली दवा और लहसà¥à¤¨ का संयà¥à¤•à¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ खतरनाक है, और इससे जोखिम बढ़ सकता है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली महिलाà¤à¤‚ न खाà¤à¤‚
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं को इस अवधि में लहसà¥à¤¨ खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह लेबर को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है। वहीं, सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली माताओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लहसà¥à¤¨ इसलिठखाने से बचना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह दूध के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को बदल देता है।
छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤
यदि बचà¥â€à¤šà¤¾ छोटा है, तो उसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन लगà¤à¤— 300 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में लहसà¥à¤¨ देना ठीक माना जाता है। इसे बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥â€à¤•िन पर लगाने की à¤à¥€ गलती न करें कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे सà¥â€à¤•िन जल सकती है या फिर अनà¥â€à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार का नà¥à¤•सान à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सकता है।
बढ़ा सकता है वेजाइनल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨
यदि किसी महिला को वेजाइनल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ है, तो उसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में लहसà¥à¤¨ लेने से बचना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह वजाइना की महीन टिशू को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाकर संकà¥à¤°à¤®à¤£ को बढ़ा सकता है।
लीवर के लिठठीक नहीं
लीवर हमारे शरीर का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह रकà¥à¤¤ को साफ, वसा चयापचय, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ चयापचय और हमारे शरीर से अमोनिया को हटाने जैसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारà¥à¤¯ करता है। कई अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, यह पाया गया है कि लहसà¥à¤¨ में à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¨ नामक à¤à¤• यौगिक होता है, जो बड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में लेने पर यकृत विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ का कारण बन सकता है।
कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में करें लहसà¥à¤¨ का सेवन
रोजाना तौर पर आप लहसà¥à¤¨ की 2-3 कली खाकर लाठपà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सकते हैं। वहीं, अगर आप इसका सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेते हैं, तो पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन 600 से 1,200 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® तक की मातà¥à¤°à¤¾ काफी है।
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